Varanasi: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण पर गरमाया माहौल, विरोध के बीच 37 भवन ध्वस्त, आगजनी प्रकरण में एक को जेल

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। यूपी शासन की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल दालमंडी सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रही। मंगलवार और बुधवार को प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुल 37 भवनों पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी रही और मकान मालिकों व प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को जिन 37 भवनों को ध्वस्त किया गया, उनमें से 17 भवन पहले ही प्रशासन द्वारा क्रय किए जा चुके थे। वहीं 17 अन्य भवनों को नगर निगम ने जर्जर घोषित किया था, जिन्हें सुरक्षा कारणों से गिराया गया। इसके अतिरिक्त तीन नए जर्जर भवनों को भी तोड़ा गया। बताया गया कि सोमवार को कुछ भवनों पर आंशिक ध्वस्तीकरण हुआ था, जिसे मंगलवार को पूरा किया गया। नगर निगम ने इस क्षेत्र में कुल 21 भवनों को जर्जर घोषित किया है।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की भारी तैनाती रही। एहतियातन मीडिया को भी गली में प्रवेश से रोका गया। बुधवार को पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच कुछ मकान मालिकों ने अपने भवनों पर कोर्ट से स्थगन आदेश (स्टे) होने संबंधी पोस्टर चस्पा कर दिए। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संबंधित लोगों ने वास्तव में न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया है या नहीं। अधिकारियों ने कहा कि यदि वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं तो नियमानुसार विचार किया जाएगा।

कार्रवाई शुरू होते ही भवन खाली कराने को लेकर कई बार बहस और विवाद की स्थिति बनी। विवाद को हवा देने की कोशिश कर रहे सज्जाद नामक युवक को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि उसके खिलाफ लोक निर्माण विभाग द्वारा दो माह पूर्व भी सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

उधर, दालमंडी सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान सोमवार को हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेज दिया है। दालमंडी चौकी प्रभारी प्रकाश चौहान की तहरीर पर चौक थाने में अजमत (निवासी दालमंडी), फारुख खान (निवासी सूरजकुंड, लक्सा) एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया था। घटना के समय हिरासत में लिए गए फारुख खान को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

एसीपी दशाश्वमेघ डॉ. अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना शहर के यातायात सुधार और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है तथा इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।
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