वाराणसी/उत्तर प्रदेश। अक्सर पुलिस के व्यवहार को लेकर आमजन में नकारात्मक धारणा देखने को मिलती है, लेकिन अब काशी में पुलिसिंग की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को देखते हुए वाराणसी पुलिस प्रशासन ने एक नई और सकारात्मक पहल की शुरुआत की है।
15 फरवरी को महाशिवरात्रि के मद्देनजर मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा काशी विश्वनाथ धाम स्थित त्र्यम्बकेश्वर हॉल में पुलिसकर्मियों की एक विशेष गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
श्रद्धालु-उन्मुख और संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालु-उन्मुख, संवेदनशील और गरिमामय पुलिसिंग सुनिश्चित करना रहा। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि काशी विश्वनाथ दरबार में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक “सर” और “मैडम” कहकर संबोधित किया जाए।
इसके अतिरिक्त मंदिर के प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन एवं स्वागत करेंगे, ताकि आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप सौहार्दपूर्ण पुलिसिंग की छवि स्थापित हो सके।
धैर्य और विनम्रता बनाए रखने के निर्देश
गोष्ठी में यह भी कहा गया कि देश-विदेश से लंबी दूरी तय कर आने वाले श्रद्धालु भीड़ अथवा प्रतीक्षा के कारण अधीर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मियों को संयम, विनम्रता और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखते हुए धैर्यपूर्वक उनकी काउंसलिंग करनी होगी।
श्रद्धालुओं द्वारा पूछे जाने पर वाराणसी जनपद की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों एवं प्रमुख स्थलों की जानकारी शालीनता के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों तथा दूरदराज से आए आगंतुकों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया।
सीसीटीवी से होगी निगरानी
मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों के व्यवहार की सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से सतत निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की अभद्रता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि वर्दी सेवा, सहयोग और विश्वास का प्रतीक है। प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और आत्मीय अनुभव प्रदान करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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