वाराणसी/उत्तर प्रदेश। शासन के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल दालमंडी सड़क चौड़ीकरण अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अब तक 36 मकानों से जुड़े लगभग 130 लोगों ने अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री कर मुआवजा प्राप्त कर लिया है। इस प्रकार कुल प्रभावित भवनों में से करीब 20 प्रतिशत मकानों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
बताया गया है कि इस माह 50 प्रतिशत रजिस्ट्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण की जद में कुल 184 भवन आ रहे हैं। पिछले वर्ष 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन इस परियोजना के तहत पहली रजिस्ट्री संपन्न हुई थी।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेज
रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ-साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी तेजी से जारी है। अब तक खरीदे गए 36 भवनों के अतिरिक्त नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित 21 भवनों पर भी कार्रवाई चल रही है। इनमें से डेढ़ दर्जन से अधिक भवन पूरी तरह ध्वस्त किए जा चुके हैं।
वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध घोषित 12 भवनों में से दो मकानों को तोड़ा जा चुका है। प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि आगे की कार्रवाई और तेज की जाएगी। उनका कहना है कि प्रशासन का मुख्य जोर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को गति देने पर है, ताकि विकास कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित भवनों में से दो के ध्वस्तीकरण के बाद शेष पर कार्रवाई जारी है। मंगलवार से शुक्रवार के बीच 14 भवन मालिकों ने रजिस्ट्री कर दी है, जिससे संबंधित मकानों को गिराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
लोगों में बढ़ी जागरूकता
हाल के दिनों में ध्वस्तीकरण की गति तेज होने के बाद प्रभावित क्षेत्र के लोगों में भी जागरूकता बढ़ी है। कई भवन स्वामी स्वेच्छा से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि निर्धारित लक्ष्य समय पर हासिल कर लिया जाएगा और दालमंडी मार्ग का चौड़ीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण होगा।
गौरतलब है कि दालमंडी क्षेत्र शहर के व्यस्ततम हिस्सों में से एक है। सड़क चौड़ीकरण के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार और आवागमन में सुगमता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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