जमुई/बिहार। केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उदासीनता के कारण कई लाभार्थियों तक इन योजनाओं का लाभ समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसा ही एक मामला जमुई जिले में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में आयोजित दिव्यांग परीक्षण शिविर के करीब दस महीने बीत जाने के बावजूद अब तक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण नहीं मिल सके हैं। इससे दिव्यांगजनों में निराशा और असंतोष का माहौल है।
जानकारी के अनुसार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की एडीआईपी योजना के तहत वर्ष 2025 में जमुई जिले के सभी प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से दिव्यांग परीक्षण शिविर आयोजित किए गए थे। इन शिविरों का आयोजन कानपुर स्थित सार्वजनिक उपक्रम Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India (एलिम्बको) के सहयोग से किया गया था। शिविरों में दिव्यांगजनों की जांच कर उन्हें कृत्रिम अंग, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र समेत अन्य सहायक उपकरण देने का आश्वासन दिया गया था।
इसी क्रम में 9 मई 2025 को जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय में भी दिव्यांग परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने भाग लेकर अपनी जांच कराई थी। जांच के बाद उन्हें पावती रसीद दी गई और बताया गया कि शीघ्र ही वितरण शिविर लगाकर आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। लेकिन लगभग दस महीने बीत जाने के बाद भी उपकरण वितरण शिविर का आयोजन नहीं हो सका है।
इस मुद्दे को लेकर गिद्धौर दिव्यांग सेवा संघ के सचिव डब्लू पंडित ने 9 मार्च 2026 को पत्रांक 01 के माध्यम से जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। उन्होंने जिलाधिकारी नवीन कुमार, जमुई सांसद Arun Bharti तथा केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan को पत्र भेजकर दिव्यांगजनों को जल्द से जल्द कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
अपने आवेदन में डब्लू पंडित ने बताया कि गिद्धौर प्रखंड के अलावा जिले के अन्य प्रखंडों में भी इसी प्रकार के शिविर आयोजित किए गए थे, जहां दिव्यांगजनों की जांच कर उपकरण देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक वितरण नहीं होने के कारण दिव्यांगजन परेशान हैं और रोजमर्रा के कार्यों में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उपकरण वितरण शिविर आयोजित कराया जाए, ताकि उन्हें कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिल सकें। दिव्यांग सेवा संघ की इस पहल के बाद जिले के दिव्यांगजनों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ मिल सकेगा।
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