जमुई : ड्यूटी से हटाया, घर का काम करवाया… सिविल सर्जन पर आरोप लगा कर्मी ने खाया जहर

जमुई/बिहार (Jamui/Bihar), 24 मार्च 2026, मंगलवार : जिले के सदर अस्पताल में मंगलवार की देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल में कार्यरत एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ने सिविल सर्जन (सीएस) के समक्ष ही सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। इस अप्रत्याशित घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौजूद कर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए कर्मचारी को तुरंत इलाज के लिए भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

घायल कर्मचारी की पहचान संतोष कुमार चौरसिया के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय वह सीएस के समक्ष उपस्थित था और अचानक यह खतरनाक कदम उठा लिया, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय मौके पर पहुंचे और पीड़ित की स्थिति का जायजा लेते हुए पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल में मौजूद अन्य कर्मियों के बीच भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

काम में बदलाव और प्रताड़ना का आरोप बना वजह
इलाजरत संतोष कुमार चौरसिया ने आरोप लगाया है कि पहले वे नेत्र रोग विशेषज्ञ के साथ सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग करते थे। लेकिन नए सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार के पदभार ग्रहण करने के बाद उन्हें उनके मूल कार्य से हटाकर पार्किंग क्षेत्र में पेड़-पौधों की सिंचाई जैसे कार्य में लगा दिया गया।

पीड़ित का कहना है –
बीते एक सप्ताह से उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वे अत्यधिक तनाव में आ गए और अंततः यह कदम उठाने को मजबूर हो गए।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
घायल कर्मचारी की पत्नी ने भी सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पति से न सिर्फ अस्पताल का कार्य लिया जाता था, बल्कि उन्हें सीएस के निजी आवास पर भी काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि लगातार बढ़ते मानसिक दबाव और उत्पीड़न के कारण ही उनके पति ने आत्महत्या का प्रयास किया।

अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों के बीच असंतोष और भय का माहौल भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या जांच करता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

सीएस से संपर्क नहीं हो सका
घटना के बाद सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है तथा लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। फिलहाल, पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है और अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
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