Nawada: DLTC की अहम बैठक संपन्न, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फसलों का स्केल ऑफ फाइनेंस तय

नवादा/बिहार। जिले में कृषि विकास और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय तकनीकी समिति (DLTC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न फसलों के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस (Scale of Finance) का निर्धारण किया गया, जो किसानों को मिलने वाले ऋण की सीमा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों और बैंकिंग संस्थानों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि फसलों के लिए ऋण निर्धारण पूरी तरह व्यावहारिक, सटीक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अत्यधिक या अत्यल्प ऋण निर्धारण दोनों ही स्थितियां किसानों के हित में नहीं होती हैं। ऐसे में संतुलित और यथार्थवादी स्केल ऑफ फाइनेंस तय करना बेहद आवश्यक है, ताकि किसानों को उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुसार आर्थिक सहायता मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण की सीमा तय करते समय वर्तमान कृषि लागत, बदलते बाजार मूल्य, उर्वरक एवं बीज की कीमतों सहित अन्य आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को समय पर और पर्याप्त वित्तीय सहयोग प्राप्त हो और वे बिना किसी आर्थिक बाधा के खेती कार्य कर सकें।

जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की प्राथमिकता कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इसके लिए जरूरी है कि बैंकिंग तंत्र और कृषि से जुड़े विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को सरल प्रक्रिया के तहत सुलभ और समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला अग्रणी प्रबंधक (LDM), NABARD के जिला विकास प्रबंधक, द नवादा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सहित विभिन्न बैंकों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कृषि क्षेत्र में वित्तीय सुदृढ़ता और किसानों के हित में बेहतर योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की।

इस बैठक से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी वित्तीय वर्ष में किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार उचित ऋण सुविधा मिल सकेगी, जिससे जिले में कृषि उत्पादन और किसानों की आय दोनों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।
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