बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत जमुई पहुंचे प्रशांत किशोर, शिक्षा, रोजगार और पलायन पर उठाए सवाल

जमुई/बिहार। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर गुरुवार को ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के क्रम में जमुई पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ विस्तृत बैठक कर संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की। शहर के टीपी सिंह रोड स्थित न्यू द्वारिका विवाह भवन में आयोजित इस बैठक में जिले भर से बड़ी संख्या में जन सुराज से जुड़े लोग शामिल हुए।

अपने संबोधन में प्रशांत किशोर ने बिहार की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर खुलकर बात रखते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों की हालत, रोजगार के अवसर और बढ़ते पलायन जैसे गंभीर मुद्दों में निकट भविष्य में सुधार की उम्मीद कम है। उन्होंने इसके पीछे जनता के मतदान व्यवहार को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा, “जिस मुद्दे पर जनता वोट नहीं देती, उस मुद्दे पर सरकार भी काम नहीं करती। अगर आपने इन सवालों को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया, तो समाधान की उम्मीद करना भी कठिन है।”

उन्होंने आगे कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद जन सुराज के नेताओं ने पश्चिम चंपारण स्थित गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिवसीय उपवास कर जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई थी। उस समय यह निर्णय लिया गया था कि नई सरकार को अपने वादों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद जन सुराज कार्यकर्ता ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ के तहत घर-घर जाकर लोगों से संवाद करेंगे और उन्हें जागरूक करेंगे।

संगठन विस्तार पर जोर देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि आगामी पांच वर्षों तक इस अभियान को निरंतर और प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा। इसके लिए वे स्वयं राज्य के हर जिले का दौरा कर रहे हैं, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाया जा सके।

बैठक के दौरान उन्होंने बिहार की राजनीति के कुछ प्रमुख नेताओं पर तीखा कटाक्ष भी किया। प्रशांत किशोर ने अशोक चौधरी, मंगल पांडेय और सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि जन सुराज ने चुनाव से पहले ही इन नेताओं की कार्यशैली और सच्चाई को जनता के सामने रखा था, लेकिन इसके बावजूद जनता ने उन्हें दोबारा सत्ता सौंपी। उन्होंने कहा, “हम सच दिखा सकते हैं, लेकिन उसे स्वीकार करना या नहीं करना जनता के हाथ में है। अगर आप बबूल बोएंगे, तो आम की उम्मीद नहीं कर सकते।”

उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि जनता ऐसे नेताओं को सत्ता की जिम्मेदारी देती है जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, तो आने वाले समय में भ्रष्टाचार खत्म होने के बजाय और बढ़ेगा।

बैठक में पूर्व मंत्री दसई चौधरी, वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना, ललन यादव, जेपी सिंह, डॉ. एनडी मिश्रा, अनिल शाह, सुभाष पासवान, राहुल कुमार, जमादार सिंह, आनंदी यादव, नौशाद आलम, सावित्री सिंह, काजू सिंह, विमल मिश्रा, अमरेंद्र कनौजिया, अजीत कुमार कुशवाहा सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अंत में प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर वास्तविक मुद्दों को उठाएं और लोगों को जागरूक करें, ताकि भविष्य में बिहार की राजनीति में सकारात्मक बदलाव की दिशा तय की जा सके।
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