जमुई में ईंधन आपूर्ति पर प्रशासन सख्त, DM की उच्चस्तरीय समीक्षा, लापरवाह गैस एजेंसियों पर कार्रवाई के संकेत

जमुई/बिहार। जिले में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों ने भाग लिया, जहां जिले की वर्तमान आपूर्ति प्रणाली का गहन विश्लेषण किया गया।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने BPCL, IOCL तथा HPCL के प्रतिनिधियों से जिले में ईंधन एवं एलपीजी आपूर्ति की अद्यतन स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आम उपभोक्ताओं को किसी भी परिस्थिति में गैस या ईंधन की कमी का सामना नहीं करना चाहिए।

समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से उन गैस एजेंसियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया, जिनका बैकलॉग अधिक है और जिनकी कार्यशैली के कारण उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसी एजेंसियों की सतत निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह एवं उपभोक्ता-हितैषी बनाया जाए।

आपूर्ति श्रृंखला में गुणात्मक सुधार लाने के लिए जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वितरण के मौजूदा पैटर्न का सूक्ष्म विश्लेषण करें और बेहतर प्रदर्शन वाले मानकों को अपनाकर व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा और आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने से ही आपूर्ति तंत्र को प्रभावी और सुचारू बनाए रखा जा सकता है।

बैठक में पीएनजी पाइपलाइन विस्तार कार्यों को लेकर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। जिला पदाधिकारी ने इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए अंतर-विभागीय समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी, जमुई एवं सिकंदरा को निर्देश दिया कि पाइपलाइन के रखरखाव, मरम्मत और सुचारू संचालन के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और अधिक सक्रिय बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की गैस एजेंसियों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक के समापन पर जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आपसी समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले के किसी भी नागरिक को रसोई गैस या अन्य ईंधन की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह पहल न केवल प्रशासनिक सख्ती को दर्शाती है, बल्कि जनहित के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी मजबूती प्रदान करती है।
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