जमुई/बिहार। खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत खेल विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार जमुई जिले के श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम में एकलव्य राज्य आवासीय प्रशिक्षण केंद्र (एथलेटिक्स) के लिए ओपन ट्रायल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस ट्रायल में बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में कुल 43 बालक एवं 22 बालिकाओं ने हिस्सा लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि राज्य में एथलेटिक्स के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाए रखने के लिए आधुनिक ‘बैट्री टेस्ट’ पद्धति का सहारा लिया गया, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता, गति, सहनशक्ति और तकनीकी दक्षता का समग्र मूल्यांकन किया गया।
ट्रायल के उपरांत जमुई जिले में संचालित एकलव्य आवासीय प्रशिक्षण केंद्र (बालक), चंद्रचूड़ विद्यालय मंदिर के लिए कुल 30 प्रतिभाशाली बालकों का चयन किया गया। वहीं, ट्रायल में सफल घोषित की गई बालिकाओं को राज्य के अन्य जिलों में स्थित एकलव्य बालिका प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण हेतु अग्रसारित किया जाएगा, ताकि उन्हें भी समान अवसर और बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकें।
जिला खेल पदाधिकारी नागमणि कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित मंच प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस केंद्र से प्रशिक्षित खिलाड़ी भविष्य में न केवल बिहार, बल्कि देश का भी प्रतिनिधित्व करेंगे और खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
प्रशिक्षक रोहित राज ने जानकारी देते हुए बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित रही, जिसमें खिलाड़ियों की विभिन्न शारीरिक क्षमताओं का गहन परीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की चयन प्रक्रिया से वास्तविक प्रतिभाओं को पहचानने में सहायता मिलती है।
इस अवसर पर एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े प्रशिक्षक रानू कुमार सिंह, हुसैन शेख, शिवपूजन शर्मा, सचिन कुमार एवं अमित कुमार सहित जिले के प्रतिनियुक्त शारीरिक शिक्षक भी उपस्थित रहे और चयन प्रक्रिया को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह आयोजन न केवल जमुई जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयासरत है। आने वाले समय में ऐसे प्रयास निश्चित रूप से जिले को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होंगे।
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