पटना/बिहार। पटना में रविवार को जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान में सोशलिस्ट पार्टी का 92वाँ स्थापना समारोह उत्साह और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर दो सत्रों में “सोशलिस्ट संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए समाजवादी चिंतकों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
समारोह में प्रसिद्ध समाजवादी चिंतक अरुण श्रीवास्तव, वसी अहमद, प्रो विजय कुमार, सैयद तहसीन अहमद, संदीप पाण्डेय सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान समाजवादी विचारधारा, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश के समक्ष मौजूद वर्तमान सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मौके पर अरूण श्रीवास्तव ने समाजवाद के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए यह भी कहा कि पार्टियों में जब तक आंतरिक लोकतंत्र कायम नहीं होगा, तब तक देश में लोकतंत्र को मजबूत करना मुश्किल काम है। उन्होंने धनबल की आलोचना करते हुए चुनाव सुधार की आवश्यकताओं पर बल दिया।
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के केंद्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष सैयद तहसीन अहमद ने कहा कि आज के समय में समाजवादी सोच और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।
गांधीवादी नेता वसी अहमद ने देश में बढ़ते संप्रदायवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों को एकजुट होने का आह्वान किया।
इस अवसर पर गाँधी विचार के विद्वान प्रो विजय कुमार द्वारा रचित काव्य संग्रह "नये युग का आरोहण" का लोकार्पण भी हुआ। प्रो विजय ने गाँधी के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों की चर्चा करते हुए कहा कि देश के विभाजन में गाँधी की कहीं कोई भूमिका नहीं थी, बल्कि वे विभाजन के विरोध में थे।
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव संदीप पांडेय ने कहा कि समाजवाद पुनः प्रासंगिक हो रहा है क्योंकि अब यह समय की माँग है।
उन्होंने कहा कि सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) आगामी सभी चुनावों में भाग लेने का प्रयास करेगी।
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