जमुई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की यात्रियों और रेल पुलिस ने की मदद, जन्मा नवजात

जमुई/बिहार। जमुई रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जहां इंसानियत और सामूहिक सहयोग की मिसाल देखने को मिली। प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर ट्रेन का इंतजार कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। देखते ही देखते स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन वहां मौजूद महिला यात्रियों, रेल पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता से महिला ने सुरक्षित रूप से बच्चे को जन्म दिया।

जानकारी के अनुसार शेखपुरा जिले के बहुआरा चेबारा गांव निवासी विक्की कुमार अपनी पत्नी कोमल देवी के साथ जमुई से लखीसराय जिले के मननपुर स्थित ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर कोमल देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

महिला यात्रियों ने दिखाई सूझबूझ और संवेदनशीलता

स्थिति गंभीर होते देख स्टेशन पर मौजूद महिला यात्रियों ने तुरंत साहस और संवेदनशीलता का परिचय दिया। महिलाओं ने चादरों का घेरा बनाकर महिला की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित की। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की इस मानवीय पहल की हर कोई सराहना करता नजर आया।

महिलाओं के सहयोग से कुछ ही देर में प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया और नवजात की किलकारी से पूरा स्टेशन परिसर गूंज उठा। घटना के बाद वहां मौजूद यात्रियों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ दिखाई दी।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेल पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं जीआरपी के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। रेल पुलिस ने बिना समय गंवाए अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मलयपुर को सूचना दी।

सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम स्टेशन पहुंची। टीम में डॉ. रेखा कुमारी, जीएनएम संध्या कुमारी एवं एएनएम प्रमिला कुमारी शामिल थीं। स्वास्थ्यकर्मियों ने जच्चा और बच्चा दोनों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान की।

मां और नवजात दोनों स्वस्थ

डॉक्टरों ने बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा दोनों की हालत सामान्य है। समय पर मिली मदद और लोगों के सहयोग से किसी प्रकार की बड़ी परेशानी नहीं हुई।

स्टेशन पर मानवता की मिसाल बनी घटना

रेलवे स्टेशन जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया कि मुश्किल समय में इंसानियत और सामूहिक सहयोग सबसे बड़ी ताकत होती है। यात्रियों, महिला सहयोगियों, रेल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की हर तरफ चर्चा हो रही है।

स्टेशन पर मौजूद लोगों ने कहा कि जिस प्रकार सभी ने मिलकर गर्भवती महिला की सहायता की, वह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। घटना के बाद यात्रियों ने महिला यात्रियों, स्वास्थ्यकर्मियों और रेल पुलिस की जमकर सराहना की।
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