लखनऊ/उत्तर प्रदेश। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कई मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपना निर्धारित अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ लौटकर सीधे घटनास्थल पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने अग्निकांड प्रभावित इमारत का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने जली हुई बहुमंजिला इमारत के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेने के साथ-साथ आसपास की इमारतों की छतों पर जाकर भी स्थिति का अवलोकन किया और अधिकारियों से हादसे के कारणों एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि घटना की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर दोषियों की पहचान सुनिश्चित की जाए।
हादसे को लेकर मुख्यमंत्री ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतक बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने घोषणा की कि घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, घायलों को तत्काल राहत के रूप में पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि देने का भी निर्देश दिया गया है।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे King George's Medical University पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मृतक बच्चों के परिजनों से भी मुलाकात की और इस असहनीय दुख की घड़ी में उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार हर परिस्थिति में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनकी पीड़ा की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए जो भी व्यक्ति, संस्था या अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
हादसे के बाद राज्य शासन और जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेश भर में कोचिंग संस्थानों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री के साथ निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) Dharmapal Singh, विधायक Neeraj Bora, अपर मुख्य सचिव (गृह) Sanjay Prasad, पुलिस महानिदेशक Rajeev Krishna, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) Amit Kumar Ghosh, डीजी फायर सर्विस Sujeet Pandey, मंडलायुक्त Vijay Vishwas Pant तथा जिलाधिकारी Vishakh G सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रदेशभर में इस घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है, जबकि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने तथा भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति रोकने की मांग तेज हो गई है।
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