बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश): बुलंदशहर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.83 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने मेरठ निवासी सतीश भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और विभिन्न फर्जी लेन-देन एवं बैंकिंग गतिविधियों से जुड़े 27 महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराध के मामलों में वांछित था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी फर्मों का गठन करता था और उनके नाम पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम का लेन-देन करता था। जांच के दौरान संबंधित खाते में करीब 1.83 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन की पुष्टि हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के माध्यम से कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और इसमें अन्य कौन-कौन शामिल हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ उड़ीसा, दिल्ली, चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में साइबर अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं। इसके अलावा दिल्ली और गाजियाबाद में भी उसके विरुद्ध मुकदमे लंबित बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से साइबर अपराधियों के नेटवर्क का हिस्सा था और फर्जी कंपनियों के माध्यम से ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर उसका स्रोत छिपाने का काम करता था।
पुलिस ने यह भी बताया कि इस गिरोह का एक अन्य सदस्य कृष्ण विरक्त पहले से ही जेल में बंद है। गिरफ्तार सतीश भारद्वाज से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी कार्यप्रणाली की गहन जांच कर रही है। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
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