मुंगेर/बिहार। जिले में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। हवेली खड़गपुर–बरियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-333) पर बहिरा गालिमपुर गांव के समीप बालू से लदा एक अनियंत्रित हाइवा अचानक सड़क से उतरकर किनारे बने चार मकानों में जा घुसा। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज गति से आ रहा हाइवा अचानक चालक का नियंत्रण खो बैठा और सीधे सड़क किनारे स्थित रिहायशी मकानों में जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चारों मकानों का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के समय घरों में मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। समय रहते लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
हादसे के बाद हाइवा का उपचालक वाहन के केबिन में बुरी तरह फंस गया। स्थानीय ग्रामीण बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला। घायल उपचालक को तत्काल इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल, हवेली खड़गपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होने की वजह तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
इस दुर्घटना में चार परिवारों के मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-333 पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। उन्होंने प्रशासन से इस मार्ग पर गति नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने और नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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