वाराणसी/उत्तर प्रदेश। काशी की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने 25,445 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले लगभग 89 किलोमीटर लंबे गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने, आवागमन तेज होने और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नगर निगम के अनुसार, परियोजना को दो प्रमुख हिस्सों में विकसित किया जाएगा। वरुणा लिंक कनेक्टर कॉरिडोर लगभग 21.153 किलोमीटर लंबा फोर-लेन मार्ग होगा, जो एनएच-31 को रिंग रोड से जोड़ेगा। वहीं गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर सिक्स-लेन होगा, जो एनएच-19 को रिंग रोड से जोड़ते हुए शहर की नई लाइफलाइन बनेगा।
परियोजना के पूरा होने के बाद चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, लखनऊ और बिहार की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश किए बिना अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा। नगर निगम का दावा है कि इससे शहर के अंदर वाहनों का दबाव 60 से 70 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
हर वर्ष बाबा विश्वनाथ धाम और गंगा घाटों के दर्शन के लिए आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को भी इस परियोजना से बड़ी राहत मिलने की संभावना है। प्रस्ताव के अनुसार, बाहरी राज्यों से आने वाले यात्री शहर के व्यस्त मार्गों से बचते हुए नमो घाट, सामने घाट और काशी विश्वनाथ धाम के निकट तक कम समय में पहुंच सकेंगे। यात्रा समय करीब 60 मिनट से घटकर 20 मिनट तक होने का अनुमान जताया गया है।
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