पटना/बिहार। बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ स्थित महावीर कैंसर संस्थान एवं शोध केन्द्र आज न केवल बिहार, बल्कि झारखंड और आसपास के राज्यों के लाखों कैंसर मरीजों के लिए आशा और विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। वर्ष 1998 में स्थापित इस संस्थान ने अपेक्षाकृत कम समय में चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में ऐसी पहचान बनाई है, जिसकी मिसाल पूरे पूर्वी भारत में दी जाती है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों, अत्याधुनिक उपकरणों और सबसे महत्वपूर्ण किफायती इलाज की व्यवस्था ने इसे आम लोगों के लिए वरदान बना दिया है।
प्रदेश के दूर-दराज के गांवों, कस्बों और शहरों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न-मध्यवर्गीय परिवारों के लिए यह संस्थान जीवनदायिनी भूमिका निभा रहा है। ऐसे समय में जब निजी अस्पतालों में कैंसर का इलाज लाखों रुपये तक पहुंच चुका है और सामान्य परिवारों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है, महावीर कैंसर संस्थान कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराकर समाज के प्रति अपनी सेवा भावना का परिचय दे रहा है।
धर्मार्थ सेवा की अनूठी मिसाल बना संस्थान
महावीर कैंसर संस्थान का संचालन महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा एक गैर-लाभकारी धर्मार्थ संस्था के रूप में किया जाता है। यह ट्रस्ट पटना जंक्शन के समीप स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे की राशि का उपयोग समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यों में करता है। इसी जनसेवा की भावना के तहत कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस संस्थान की स्थापना की गई।
महावीर मंदिर ट्रस्ट की स्थापना और इसके विस्तार में पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं महावीर मंदिर न्यास समिति के पूर्व सचिव स्वर्गीय किशोर कुणाल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने धार्मिक आस्था को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए यह सुनिश्चित किया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का चढ़ावा जरूरतमंद लोगों के जीवन बचाने में उपयोग हो।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल
महावीर कैंसर संस्थान का विशाल भवन आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है। यहां सैकड़ों बेड, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, कैंसर की जांच एवं उपचार की लगभग सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सकों, सर्जनों, ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडिएशन विशेषज्ञों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की टीम मरीजों के इलाज में निरंतर जुटी रहती है।
कैंसर की पहचान से लेकर ऑपरेशन, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, पैथोलॉजी जांच, इमेजिंग और शोध कार्यों तक की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलती है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का सबसे बड़ा सहारा
बिहार और झारखंड के हजारों ऐसे परिवार, जिनके लिए निजी अस्पतालों में कैंसर का इलाज संभव नहीं है, वे महावीर कैंसर संस्थान को अपनी अंतिम उम्मीद मानते हैं। यहां सभी धर्मों और समाज के लोग बिना किसी भेदभाव के उपचार प्राप्त करते हैं। कम लागत में गुणवत्तापूर्ण इलाज की व्यवस्था ने इस संस्थान को गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सबसे भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र बना दिया है।
जनसेवा और मानवता का जीवंत उदाहरण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि महावीर कैंसर संस्थान केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह संस्थान इस बात का प्रमाण है कि यदि धार्मिक संस्थाओं की आय का उपयोग जनकल्याण के कार्यों में किया जाए, तो समाज के लाखों जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
बिहार की चिकित्सा व्यवस्था की गौरवशाली पहचान
आज महावीर कैंसर संस्थान एवं शोध केन्द्र न केवल बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं का गौरव है, बल्कि पूर्वी भारत में कैंसर उपचार का एक प्रमुख केंद्र भी बन चुका है। गुणवत्तापूर्ण उपचार, आधुनिक संसाधनों, अनुभवी चिकित्सकों और मानवीय सेवा भावना के कारण यह संस्थान लगातार लोगों का विश्वास जीत रहा है। यही कारण है कि महावीर कैंसर संस्थान को बिहार की चिकित्सा व्यवस्था की शान और लाखों कैंसर मरीजों के लिए नई जिंदगी की उम्मीद के रूप में देखा जाता है।
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