UP CM योगी का दो दिवसीय काशी दौरा, 8 जुलाई को शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का करेंगे शुभारंभ

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 जुलाई को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने प्रवास के दौरान वह जहां आयुष मंत्री के पुत्र के विवाह समारोह में शामिल होंगे, वहीं 8 जुलाई को वाराणसी के व्यापार केंद्र में प्रदेश की बहुप्रतीक्षित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का विधिवत शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम के बाद उनके मिर्जापुर जाने का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री 7 जुलाई की शाम अधिकारियों के साथ विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं। हालांकि अंतिम कार्यक्रम प्रशासन द्वारा जारी किया जाएगा।

लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ

8 जुलाई को शुरू होने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की वार्डनों, विषय विशेषज्ञों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के लागू होने से सरकारी अस्पतालों के साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी बिना नकद भुगतान के इलाज कराने की सुविधा मिलेगी।

इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नए शैक्षणिक सत्र के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों के खाते में ड्रेस, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि भी हस्तांतरित करेंगे।

शिक्षक दिवस पर की गई घोषणा अब होगी साकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू करने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद संबंधित विभागों ने तेजी से तैयारियां पूरी कीं। बेसिक शिक्षा विभाग का ऑनलाइन पोर्टल पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिस पर अब तक 7 लाख 89 हजार से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए भी पोर्टल शुरू कर दिया गया है और शिक्षकों का डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है।

पूरी तरह डिजिटल होगी योजना की व्यवस्था

योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा के अनुसार पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के विवरण का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) करेंगे, जबकि अंतिम अनुमोदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) द्वारा किया जाएगा।

अनुमोदन के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के बेनिफिशरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआईएस) पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इसके पश्चात शिक्षक आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी कर अपना डिजिटल कैशलेस चिकित्सा कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

वित्तविहीन महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ

प्रदेश सरकार अब उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े वित्तविहीन महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी इस योजना के दायरे में शामिल करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालयों से संबद्ध वित्तविहीन कॉलेजों का विवरण जुटाया जा रहा है।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने अपने संबद्ध वित्तविहीन महाविद्यालयों से कार्यरत शिक्षकों का विस्तृत विवरण मांगा है, ताकि उन्हें भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके। योजना लागू होने के बाद वर्षों से चिकित्सा सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे वित्तविहीन महाविद्यालयों के शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

शिक्षक समुदाय में उत्साह का माहौल

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत को प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजना के लागू होने से लाखों शिक्षक एवं कर्मचारी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ बिना आर्थिक बोझ के उठा सकेंगे। विशेष रूप से वित्तविहीन महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी इसमें शामिल किए जाने की पहल से शिक्षक समुदाय में खुशी और उत्साह का माहौल है।
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