वाराणसी/उत्तर प्रदेश। दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में ₹1,320 करोड़ की डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) राशि हस्तांतरित की तथा बेसिक शिक्षा विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान भी कराया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है और यह सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और उनके परिवारों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निपुण भारत अभियान के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप दक्ष बनाकर विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार की जा रही है।
12 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के कर्मचारी, रसोइये तथा उनके आश्रित सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में करीब 1,900 उपचार पैकेजों के अंतर्गत कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। योजना का पूरा वार्षिक प्रीमियम राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे लाभार्थियों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
1.10 करोड़ विद्यार्थियों के खातों में पहुंची ₹1,320 करोड़ की सहायता राशि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम चरण में प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में ₹1,320 करोड़ की डीबीटी राशि का ऑनलाइन अंतरण किया। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए ₹1,200 की सहायता राशि यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी जैसी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए प्रदान की गई। सरकार का उद्देश्य यह है कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने।
10 लाख शिक्षकों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का व्यापक कवच
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) भी हुआ। इसके तहत प्रदेश के लगभग 10 लाख शिक्षक एवं संविदा कर्मचारी विभिन्न सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से लाभान्वित होंगे। उन्हें ग्रुप लाइफ इंश्योरेंस, पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस, एयर एक्सीडेंट कवर तथा परिवार की सुरक्षा से जुड़ी कई अन्य वित्तीय सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक समर्पण के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान दे सकेंगे।
स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों को मिला राष्ट्रीय सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में स्वच्छता, हरित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
'शिक्षा में किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने शिक्षा, कानून व्यवस्था, आधारभूत संरचना और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर किया गया निवेश हमेशा समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के रूप में लौटता है। सरकार का लक्ष्य ऐसा भारत बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक शिक्षित, अनुशासित, आत्मनिर्भर और सक्षम हो।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में केवल पाठ्य ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना भी विकसित करें। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार, शिक्षक, अभिभावक और समाज मिलकर उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने में सफल होंगे।
कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लोक निर्माण राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, विधायक नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक कुमार तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।
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