Varanasi: गंगा पार से हटाया गया एक टन कचरा, बढ़ते जलस्तर से पहले प्रदूषण रोकने की बड़ी पहल

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। आगामी श्रावण मास और गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए वाराणसी नगर निगम एवं नमामि गंगे की संयुक्त टीम ने बुधवार को गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के तहत गंगा पार के रेतीले क्षेत्र में फैले करीब 1,000 किलोग्राम (एक टन) कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से उसका निस्तारण कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से पहले इस प्रकार की सफाई नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष बारिश और बाढ़ के दौरान गंगा किनारे जमा प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य ठोस अपशिष्ट जलस्तर बढ़ने के साथ मुख्य धारा में बह जाते हैं, जिससे नदी का प्रदूषण बढ़ता है और जलीय जीवों के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी खतरे को देखते हुए गंगा पार के विस्तृत रेतीले क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में कचरा हटाया गया।

प्लास्टिक, पॉलीथिन, पूजन सामग्री और निर्माल्य किया गया एकत्र

स्वच्छता अभियान के दौरान नगर निगम एवं नमामि गंगे की टीम ने गंगा तट पर बिखरी पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलें, कपड़े, डायपर, थर्मोकोल, पूजन सामग्री, फूल-मालाएं और अन्य निर्माल्य को सावधानीपूर्वक एकत्र किया। इसके बाद विशेष नावों के माध्यम से पूरे कचरे को गंगा पार से शहर लाकर निर्धारित निस्तारण केंद्र भेजा गया, जहां वैज्ञानिक पद्धति से उसका निष्पादन कराया गया।

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल कचरा हटाना ही नहीं, बल्कि गंगा की निर्मलता बनाए रखने के साथ-साथ बाढ़ के दौरान होने वाले संभावित प्रदूषण को भी रोकना है।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छता का दिया संदेश

सफाई अभियान के दौरान गंगा तट पर मौजूद श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। टीम ने लोगों से अपील की कि वे गंगा किनारे प्लास्टिक, पॉलीथिन, पूजन सामग्री अथवा अन्य कचरा न फेंकें तथा "सबका साथ, गंगा साफ" अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। लोगों को यह भी बताया गया कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है, इसलिए इसकी स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

गंगा पार भी बढ़ रही पर्यटकों की आवाजाही

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं वाराणसी नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा पार के रेतीले क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में वहां स्वच्छता बनाए रखना उतना ही जरूरी है जितना मुख्य घाटों की सफाई। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि गंगा तट पर किसी भी प्रकार का कचरा न फैलाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

पर्यावरण मित्रों ने किया श्रमदान

इस विशेष स्वच्छता अभियान में पुष्पलता वर्मा, शिवम रावत, देवेंद्र कुमार, शिवम कश्यप, अरुण कुमार, कामेश्वर सेठ, रिंकू सेठ, दिनेश चौधरी, सुनील कुमार, गोपाल, महेंद्र साहनी, हेमवती, रेखा, मंजू और लखी देवी सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों, नमामि गंगे के स्वयंसेवकों एवं नगर निगम कर्मचारियों ने श्रमदान करते हुए गंगा तट की सफाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

नगर निगम ने कहा कि श्रावण मास के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए आगे भी नियमित रूप से विशेष स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि धार्मिक आस्था के इस केंद्र को प्रदूषण से मुक्त रखा जा सके।
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