वाराणसी/उत्तर प्रदेश। यूपी संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 में दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलाने की सुनियोजित साजिश का वाराणसी पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पहले फर्जी अभ्यर्थी को गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस ने वास्तविक अभ्यर्थी श्रेया भारती को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ कर अवैध तरीके से सफलता हासिल करने की इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वाराणसी के कालिकाधाम पीजी कॉलेज, सेवापुरी में आयोजित उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के दौरान एक युवती तनिषा कुमारी श्रेया भारती के नाम पर परीक्षा देने पहुंची थी। प्रवेश के समय दस्तावेजों और पहचान के सत्यापन में संदेह होने पर जांच की गई, जिसमें सामने आया कि वह कूटरचित प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और संपादित फोटो का इस्तेमाल कर वास्तविक अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने का प्रयास कर रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक की शिकायत पर कपसेठी थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तनिषा कुमारी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था।
घटना की आगे की जांच के लिए गठित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर 12 जुलाई को प्रयागराज के अल्लापुर क्षेत्र से वास्तविक अभ्यर्थी श्रेया भारती को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान श्रेया ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उसकी सहेली प्रीति के माध्यम से उसकी मुलाकात रोशन नामक व्यक्ति से हुई थी। रोशन ने पैसे और व्यवस्था के जरिए उसकी जगह किसी अन्य युवती से परीक्षा दिलाने का आश्वासन दिया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि श्रेया भारती ने स्वयं अपना आधार कार्ड, प्रवेश पत्र और पासपोर्ट आकार का फोटो उपलब्ध कराया था, जिनका उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर तनिषा कुमारी को परीक्षा केंद्र में वास्तविक अभ्यर्थी के रूप में प्रवेश दिलाने की कोशिश की गई, लेकिन सतर्कता के कारण पूरी साजिश समय रहते पकड़ में आ गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में शामिल अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। इस पूरे नेटवर्क में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके विरुद्ध भी विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा में किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े, प्रतिरूपण या कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल को गंभीर अपराध मानते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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