देव दीपावली के लिए काशी एक बार फिर सजने को तैयार है। गंगा महोत्सव और देव दीपावली को भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियों का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को तय समयसीमा में सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
इस वर्ष 20 से 23 नवंबर तक गंगा महोत्सव और 24 नवंबर को देव दीपावली का आयोजन प्रस्तावित है। गंगा महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम राजघाट पर होगा, जबकि राजघाट और नमो घाट पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मौका
मंडलायुक्त ने कहा कि आयोजन में काशी की लोककला, संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को विशेष स्थान दिया जाए। स्थानीय कलाकारों के साथ काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के विजेता प्रतिभागियों और राजघाट के समीप संचालित गुरुकुल के छात्रों को भी कार्यक्रमों में शामिल करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर स्थानीय प्रतिभाओं की सूची तैयार करने और उन्हें मंच उपलब्ध कराने को कहा गया।
घाटों पर दिखेगी काशी के उत्पादों की पहचान
आयोजन के दौरान ODOP और स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। प्रमुख घाटों और होटलों में स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाने की योजना पर बैठक में चर्चा हुई। इसका उद्देश्य काशी आने वाले पर्यटकों को यहां की कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों से रूबरू कराना है।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष जोर
देव दीपावली के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता में रखा है। बैठक में घाटों की सफाई, सिल्ट हटाने, प्रकाश व्यवस्था, सजावट, पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग, बिजली, पेयजल, चिकित्सा और अग्निशमन समेत कई बिंदुओं पर चर्चा हुई।
नगर निगम को निर्देश दिए गए कि घाटों पर जमा सिल्ट की सफाई आयोजन से काफी पहले पूरी कर ली जाए। सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्ययोजना तैयार कर समय से काम पूरा करने को कहा गया।
काशी की संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत होगी केंद्र में
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कहा कि गंगा महोत्सव और देव दीपावली सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन आयोजनों में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिले, इसके लिए सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को आयोजन के दौरान काशी की कला, संगीत, गंगा-जमुनी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीसीपी ट्रैफिक अनिल कुमार यादव, विकास प्राधिकरण सचिव वेद प्रकाश, एडीएम सिटी राजेश कुमार, एडीएम प्रोटोकॉल विनय सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और गंगा घाट समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गंगा महोत्सव से देव दीपावली तक काशी में दिखेगा आस्था और संस्कृति का भव्य संगम, प्रशासन ने शुरू की तैयारियां।
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