मुंबई, 17 अगस्त। बॉलीवुड में कई सितारों की एंट्री लंबे संघर्ष और लगातार ऑडिशन के बाद होती है, लेकिन अभिनेत्री प्रीति झंगियानी की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कभी अभिनेत्री बनने की योजना नहीं बनाई थी, लेकिन एक अचानक आए फोन ने उन्हें सीधे यशराज फिल्म्स के बड़े प्रोजेक्ट ‘मोहब्बतें’ तक पहुंचा दिया। साल 2000 में रिलीज हुई इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई।
मॉडलिंग से शुरू हुआ सफर
18 अगस्त 1980 को मुंबई में जन्मीं प्रीति झंगियानी ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले मॉडलिंग की। वर्ष 1997 में उन्हें राजश्री प्रोडक्शंस के संगीत एल्बम ‘ये है प्रेम’ में काम करने का अवसर मिला। इस वीडियो से उन्हें पहचान मिली और इसके बाद वह कई विज्ञापनों में भी नजर आईं।
फिल्मी दुनिया में उनकी पहली दस्तक हिंदी सिनेमा से नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय फिल्मों से हुई। वर्ष 1999 में उन्होंने मलयालम फिल्म ‘मजहविल’ में काम किया। इसके बाद वह तेलुगु फिल्म ‘थम्मुडु’ में भी दिखाई दीं।
अचानक आया यशराज फिल्म्स से फोन
प्रीति झंगियानी की बॉलीवुड एंट्री की कहानी सबसे ज्यादा दिलचस्प है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें यशराज फिल्म्स के कार्यालय से अचानक फोन आया और आदित्य चोपड़ा से मिलने के लिए बुलाया गया। खास बात यह थी कि उन्होंने ‘मोहब्बतें’ के लिए कोई ऑडिशन नहीं दिया था।
इसके बाद उन्हें फिल्म में मौका मिला और वर्ष 2000 में रिलीज हुई ‘मोहब्बतें’ ने उनके करियर को नई ऊंचाई दे दी।
‘किरण’ के किरदार ने बनाई पहचान
फिल्म में प्रीति ने किरण का किरदार निभाया था, जो जिमी शेरगिल के किरदार करण चौधरी से प्रेम करती है। शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, जिमी शेरगिल, उदय चोपड़ा, शमिता शेट्टी और किम शर्मा जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
प्रीति की सादगी और मासूमियत भरे अंदाज ने दर्शकों का ध्यान खींचा। उनके अभिनय को भी सराहना मिली और उन्हें आईफा अवॉर्ड में ‘स्टार डेब्यू ऑफ द ईयर-फीमेल’ का पुरस्कार मिला।
कई फिल्मों में किया काम
‘मोहब्बतें’ की सफलता के बाद प्रीति के पास फिल्मों की कमी नहीं रही। उन्होंने ‘ना तुम जानो ना हम’, ‘आवारा पागल दीवाना’, ‘वाह! तेरा क्या कहना’, ‘बाज: ए बर्ड इन डेंजर’, ‘एलओसी कारगिल’, ‘आन: मेन एट वर्क’, ‘विक्टोरिया नंबर 203’ और ‘चांद के पार चलो’ जैसी फिल्मों में काम किया।
हिंदी के अलावा उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, पंजाबी, बंगाली और राजस्थानी फिल्मों में भी अभिनय किया। हालांकि, ‘मोहब्बतें’ जैसी बड़ी व्यावसायिक सफलता उन्हें दोबारा नहीं मिल सकी।
परिवार को दिया समय, फिर अभिनय में वापसी
प्रीति ने अपने करियर के दौरान निजी जिंदगी को भी महत्व दिया। उन्होंने 23 मार्च 2008 को अभिनेता परवीन डबास से शादी की। दोनों के दो बेटे हैं। शादी और परिवार के बाद उन्होंने कुछ समय फिल्मों से दूरी बनाई, लेकिन अभिनय से पूरी तरह नाता नहीं तोड़ा।
वर्ष 2017 में उनकी राजस्थानी फिल्म ‘तावड़ो: द सनलाइट’ रिलीज हुई, जिसमें उनके अभिनय को सराहना मिली और उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार भी मिला। इसके बाद वह वेब सीरीज ‘कफस’ में नजर आईं और वर्ष 2025 में ‘उदयपुर फाइल्स’ में भी दिखाई दीं।
प्रीति झंगियानी का सफर इस मायने में खास है कि जिस अभिनेत्री ने कभी बॉलीवुड में आने की योजना नहीं बनाई थी, वह एक अप्रत्याशित फोन कॉल के जरिए हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्म का हिस्सा बनीं और अपनी मासूम मुस्कान से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाने में सफल रहीं।
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