Lakhisarai: हिरोशिमा दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा किऊल स्थित वृंदावन में लगाए गए पौधे

देसी खबर | लखीसराय/बिहार :  हिरोशिमा दिवस (परमाणु हमला स्मृति दिवस) के अवसर पर बुधवार को पर्यावरण भारती की ओर से लखीसराय के किऊल स्थित वृंदावन, चानन क्षेत्र में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान का नेतृत्व सुमित कुमार रवि ने किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संकल्प लिया गया।

सावन में पौधारोपण सबसे लाभदायक : राम बिलास शाण्डिल्य

पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि जिन हिंदी महीनों के अंत में 'न' नहीं होता, उनमें पौधारोपण अधिक लाभदायक माना जाता है। उन्होंने कहा कि सावन, अगहन और फाल्गुन में लगाए गए पौधे तेजी से बढ़ते हैं। लोगों से अपने घरों के आसपास कम से कम 10 पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने की अपील की गई।

फलदार और छायादार वृक्ष लगाने की अपील

कार्यक्रम में किसानों से खेतों में आम, जामुन, कटहल, अमरूद, बेल और नींबू जैसे फलदार वृक्ष लगाने का आग्रह किया गया। वहीं सार्वजनिक स्थलों, मंदिरों, विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा सड़कों के किनारे पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, करंज और सेमल जैसे वृक्ष लगाने तथा कम से कम पांच वर्षों तक उनकी देखभाल करने पर बल दिया गया।

हिरोशिमा दिवस का महत्व बताया

शैक्षणिक आयाम के प्रांत प्रमुख शिक्षक अरविंद कुमार ने हिरोशिमा दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 6 अगस्त 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था, जिससे भारी जनहानि हुई। उन्होंने कहा कि यह दिवस विश्व शांति, परमाणु हथियारों के दुष्परिणाम और मानवता की सुरक्षा का संदेश देता है।

इन लोगों ने लिया भाग

पौधारोपण कार्यक्रम में शिक्षक अरविंद कुमार, सुमित कुमार रवि, छोटे सहनी, राम प्रकाश, आकाश कुमार, अमरेंद्र महतो और राम बिलास शाण्डिल्य सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प भी लिया गया।
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