बांकीपुर जीत के बाद चर्चा में प्रशांत किशोर का परिवार, जानिए कौन हैं उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास

एमबीबीएस डॉक्टर हैं डॉ. जाह्नवी दास, सार्वजनिक जीवन से रहती हैं दूर
पटना/बिहार। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) की जीत के बाद उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा का विषय बन गई है। भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 मतों से हराने के बाद लोगों में पीके के परिवार, खासकर उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास को लेकर जिज्ञासा बढ़ गई है।

डॉक्टर हैं डॉ. जाह्नवी दास
डॉ. जाह्नवी दास पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं और मूल रूप से असम के गुवाहाटी की रहने वाली हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, वह नई दिल्ली स्थित अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल में सीनियर एडवाइजर के पद पर कार्य कर चुकी हैं। हलफनामे में उनकी कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

यूएन स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान हुई थी मुलाकात
प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मुलाकात जाह्नवी दास से संयुक्त राष्ट्र (यूएन) समर्थित एक सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच केवल कामकाजी संबंध थे, जो समय के साथ दोस्ती और फिर विवाह में बदल गए। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों की सहमति से शादी हुई थी।
जाति को लेकर हो रही चर्चा
सोशल मीडिया पर डॉ. जाह्नवी दास की जाति को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, केवल 'दास' उपनाम के आधार पर किसी व्यक्ति की जाति तय नहीं की जा सकती। असम में यह उपनाम विभिन्न समुदायों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए उनकी जाति को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

परिवार को रखते हैं राजनीति से दूर
प्रशांत किशोर हमेशा अपने परिवार को सार्वजनिक जीवन से दूर रखते आए हैं। उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि राजनीति का असर उनके निजी जीवन पर न पड़े। उन्होंने कई बार कहा है कि उनकी पत्नी ने घर-परिवार की जिम्मेदारियां संभालकर उन्हें राजनीति और जन सुराज अभियान के लिए पूरा समय देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहली बार सार्वजनिक मंच पर कराया परिचय
25 अगस्त 2024 को पटना में आयोजित एक महिला सम्मेलन के दौरान प्रशांत किशोर ने पहली बार अपनी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास का सार्वजनिक परिचय कराया था। इस अवसर पर उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी के सहयोग और त्याग की बदौलत ही वह लगातार बिहार में जन सुराज अभियान चला सके।
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