वाराणसी | 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस पर 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ, सारनाथ में शुक्रवार को प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम हुआ। पद्मश्री से सम्मानित शिक्षाविद् प्रो. मंगला कपूर ने एनडीआरएफ के अधिकारियों और बचावकर्मियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।
11वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने प्रो. मंगला कपूर का स्वागत किया। इसके बाद जवानों के साथ बातचीत में उन्होंने आपदा के दौरान एनडीआरएफ की ओर से किए जाने वाले राहत और बचाव कार्यों की सराहना की।
‘मुश्किल हालात में लोगों की जान बचाना बड़ी सेवा’
प्रो. मंगला कपूर ने कहा कि आपदा के समय विपरीत परिस्थितियों के बीच अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना लोगों की मदद करना बेहद कठिन काम है। एनडीआरएफ जवानों का साहस, अनुशासन और सेवा के प्रति समर्पण समाज के लिए प्रेरणा है।उन्होंने जवानों को अपने अनुभव बताते हुए कहा कि लगातार सीखने की आदत, सकारात्मक सोच और अनुशासन किसी भी चुनौती का सामना करने की ताकत देते हैं। उन्होंने राष्ट्र और मानवता की सेवा के प्रति इसी भावना को बनाए रखने का आह्वान किया।
शिक्षक दिवस को बताया मूल्यों को मजबूत करने का अवसर
प्रो. कपूर ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को सम्मान देने तक सीमित नहीं है। यह दिन ज्ञान, अनुशासन, सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। इस दौरान एनडीआरएफ के जवानों ने भी प्रो. कपूर से संवाद किया और उनके जीवन अनुभवों एवं विचारों को सुना। कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने कहा कि प्रो. कपूर की मौजूदगी और उनके प्रेरक विचारों से जवानों का मनोबल बढ़ा है। कार्यक्रम के अंत में सेवा, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ राष्ट्र एवं मानवता के लिए काम करने के संकल्प को दोहराया गया।
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