जमुई/बिहार। अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस के अवसर पर गुरुवार को नगर परिषद जमुई स्थित आनंद विहार कॉलोनी, सिरचंद नवादा में आधुनिक युग में मानव जीवन के लिए इंटरनेट का महत्व विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता केकेएम कॉलेज, जमुई के राजनीति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डीके गोयल ने की। परिचर्चा में मुंगेर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. गौरी शंकर पासवान ने इंटरनेट की उपयोगिता और डिजिटल विकास पर अपने विचार रखे।
इंटरनेट ने दुनिया को बनाया वैश्विक परिवार
डॉ. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि इंटरनेट आधुनिक युग में डिजिटल क्रांति का सशक्त माध्यम और ज्ञान एवं विकास का खुला आकाश है। यह मानव जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। इंटरनेट ने दुनिया को जोड़ा है, ज्ञान के नए द्वार खोले हैं और विकास की गति तेज की है। शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में इसने नई संभावनाएं पैदा की हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा, व्यापार, बैंकिंग, कृषि, संचार और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में इंटरनेट ने क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। ऑनलाइन शिक्षा, ई-पुस्तकें, डिजिटल पुस्तकालय और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संसाधनों ने विद्यार्थियों के लिए ज्ञान प्राप्त करना आसान बनाया है। वहीं, किसान मौसम, बाजार भाव और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग जरूरी
डॉ. डीके गोयल ने कहा कि इंटरनेट सूचना को शक्ति, ज्ञान को अवसर और तकनीक को विकास में बदलने का प्रभावी माध्यम है। इसका समुचित उपयोग सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, भ्रामक सूचनाओं, निजता के उल्लंघन और डिजिटल लत जैसी चुनौतियों पर भी चिंता जताई। वक्ताओं ने इंटरनेट का विवेकपूर्ण, सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने पर जोर दिया।
Tags:
Bihar
