लखीसराय/बिहार। स्वर्गीय सुमित्रा देवी की पुण्य स्मृति और करवा चौथ के अवसर पर गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को पर्यावरण भारती की ओर से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। केआरके स्थित टाउन हॉल परिसर, नया बाजार में आयोजित इस कार्यक्रम में देव वृक्ष पीपल, गूलर और बरगद के एक-एक तथा फलदार आम के दो पौधे लगाए गए। पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी एवं स्वर्गीय सुमित्रा देवी के तृतीय पुत्र राजेश कुमार गुप्ता ने किया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए 33 प्रतिशत वन क्षेत्र जरूरी
पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि धरती पर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए 33 प्रतिशत वन क्षेत्र आवश्यक है। उन्होंने वनों की अंधाधुंध कटाई पर चिंता जताते हुए कहा कि हरियाली कम होने से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है और मानव जीवन को विभिन्न पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग और जनभागीदारी को जरूरी बताया। उनके अनुसार, वृक्षारोपण और वनों का संरक्षण पर्यावरणीय संकट से निपटने के महत्वपूर्ण उपाय हैं।
माता की स्मृति में पौधारोपण को बताया प्रेरणादायी
राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि उनकी माता स्वर्गीय सुमित्रा देवी धर्मपरायण महिला थीं। उनकी प्रेरणा से ही वे सामाजिक कार्यों से जुड़े। उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 में महिला विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, पुरानी बाजार परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाने में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
करवा चौथ पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पर्यावरण भारती के पर्यावरण शैक्षणिक आयाम के प्रांत प्रमुख शिक्षक अरविंद कुमार ने करवा चौथ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पौधारोपण जैसे कार्यों के माध्यम से पारिवारिक स्मृतियों को समाजहित और प्रकृति संरक्षण से जोड़ा जा सकता है।
कार्यक्रम में खेमजीत प्रसाद, कुमार गौतम, सरदार अनिल सिंह, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, जितेंद्र प्रसाद सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
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