जमुई/बिहार। जिले में मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती मौसम प्रणाली के प्रभाव से ठंडी हवाओं और रुक-रुककर हो रही बारिश ने तापमान में गिरावट का एहसास बढ़ा दिया है। आसमान में छाए घने बादलों के कारण दिन में भी अंधेरे जैसी स्थिति बन रही है। मौसम में आए इस बदलाव के साथ लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है और बाजारों में भी पहले की अपेक्षा चहल-पहल कम नजर आ रही है।
ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग फूल स्लीव के कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जबकि बच्चों को ठंड से बचाने के लिए अभिभावकों ने स्वेटर और टोपी पहनाना शुरू कर दिया है।
सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज बढ़े
मौसम में अचानक आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायतों के साथ बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने की बात सामने आ रही है। चिकित्सकीय सलाह है कि बदलते मौसम में ठंड से बचाव करें, गीले कपड़े तुरंत बदलें और लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
31 अक्टूबर तक बारिश और वज्रपात का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, जमुई में 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। 30 अक्टूबर को तापमान 19 से 29 डिग्री और 31 अक्टूबर को 18 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। विभाग ने राज्य में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर 31 अक्टूबर तक सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है।
धान की फसल को लेकर किसान चिंतित
लगातार बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई धान की कटाई मौसम अनुकूल रहने पर करें और काटी गई फसल को सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें। खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर रहें।
मौसम के इस बदले मिजाज के बीच जिलेवासियों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की जरूरत है।
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