Jamui: गांधी जयंती पर समाहरणालय में दिखा सादगी और श्रद्धा का संगम, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने बांधा समां

जमुई/बिहार। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को जमुई समाहरणालय परिसर में श्रद्धा, देशभक्ति और गांधीवादी विचारों से ओत-प्रोत गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा समाहरणालय परिसर बापू के सत्य, अहिंसा, सादगी और सेवा के संदेशों से गूंजता नजर आया। जिला प्रशासन के पदाधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्कूली बच्चों ने राष्ट्रपिता को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, जमुई के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत-गान से हुई। बच्चों ने पूरे अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मधुर स्वर में स्वागत गीत प्रस्तुत कर जिलाधिकारी सहित उपस्थित पदाधिकारियों का अभिनंदन किया। बच्चों की सधी हुई प्रस्तुति और मनमोहक गायन ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक मनोज कुमार सिन्हा ने जिलाधिकारी का पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने गांधी जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी का जीवन केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके विचार सत्य, अहिंसा, अनुशासन, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को देश के महान व्यक्तित्वों के जीवन और विचारों से जोड़ना आवश्यक है।

स्वागत कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने समाहरणालय परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वहां मौजूद प्रशासनिक पदाधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा छात्र-छात्राओं ने भी बापू की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। पूरे परिसर में राष्ट्रपिता के प्रति सम्मान और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

माल्यार्पण कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी ने उपस्थित स्कूली बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों की चर्चा करते हुए बच्चों से सत्य, अहिंसा, सादगी और अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और अहिंसा का मार्ग नहीं छोड़ा। उनके विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं। युवा पीढ़ी यदि गांधी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारे तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने बच्चों को वर्तमान डिजिटल दौर में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल तकनीक ज्ञान प्राप्त करने तथा शिक्षा को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसका उपयोग सोच-समझकर किया जाना चाहिए। बच्चों को अपना बहुमूल्य समय अनावश्यक रूप से रील्स देखने और गेम खेलने में बर्बाद करने के बजाय पढ़ाई, ज्ञानवर्धक सामग्री और रचनात्मक गतिविधियों में लगाना चाहिए।

उन्होंने बच्चों से कहा कि मोबाइल को मनोरंजन का साधन बनाने के बजाय शिक्षा और ज्ञान बढ़ाने का माध्यम बनाएं। तकनीक का सही और सीमित उपयोग उनके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जिलाधिकारी के इस संदेश को बच्चों ने गंभीरता से सुना और तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों की अनुशासित उपस्थिति और सांस्कृतिक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। अधिकारियों ने भी बच्चों को गांधी जी के जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सादगी और सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
और नया पुराने