जमुई में बारिश और बादलों के बीच मना करवा चौथ, चांद के दीदार के बाद सुहागिनों ने खोला व्रत

जमुई/बिहार जिले भर में गुरुवार को सुहाग और अखंड सौभाग्य का प्रतीक पर्व करवा चौथ श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। हालांकि, दिनभर आसमान में छाए बादलों और लगातार झमाझम बारिश ने व्रत रखने वाली महिलाओं की चांद देखने की प्रतीक्षा को थोड़ा मुश्किल बना दिया।

बारिश के बीच चांद के दीदार का इंतजार

करवा चौथ को लेकर सुहागिन महिलाओं ने सुबह से ही निर्जला व्रत रखा और पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि एवं दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। शाम होते ही महिलाओं ने परंपरानुसार सोलह श्रृंगार कर चंद्रदेव के दर्शन की तैयारी की।

इस बार मौसम ने पर्व के उत्साह के बीच थोड़ी चुनौती पेश की। आसमान में घने बादल छाए रहने और लगातार बारिश होने के कारण महिलाओं को चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार करना पड़ा।

चांद दिखते ही पानी पिलाकर हुआ व्रत का पारण

लंबे इंतजार के बाद चांद के दर्शन होते ही महिलाओं के चेहरे खिल उठे। सुहागिनों ने छलनी से चंद्रमा और फिर अपने पति का दीदार किया। इसके बाद चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित कर पति के हाथों पानी पीकर निर्जला व्रत का पारण किया।

मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद जमुई जिले में करवा चौथ को लेकर महिलाओं का उत्साह और आस्था देखने लायक रही। पर्व ने एक बार फिर भारतीय परंपरा, पारिवारिक प्रेम और दांपत्य जीवन में विश्वास की खूबसूरत तस्वीर प्रस्तुत की।
और नया पुराने