भारतीय रेलवे का टिकट कैंसिलेशन में बड़ा बदलाव, समय के आधार पर रिफंड, मिलेगी अतिरिक्त सुविधा

नई दिल्ली, 25 मार्च 2026। देश के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए भारतीय रेलवे ने कन्फर्म टिकट कैंसिलेशन के नियमों में संशोधन किया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी और दलालों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। इसके साथ ही यात्रियों को अधिक लचीलापन और सुविधा देने पर भी जोर दिया गया है।

क्यों किए गए नियमों में बदलाव?
रेलवे के अनुसार, लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ एजेंट और दलाल बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे। बाद में जो टिकट नहीं बिकते थे, उन्हें ट्रेन के रवाना होने से ठीक पहले कैंसिल कर देते थे और भारी रिफंड प्राप्त कर लेते थे।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल आम यात्रियों को नुकसान होता था, बल्कि टिकटों की उपलब्धता भी प्रभावित होती थी। नए नियमों से इस प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

कब से लागू होंगे नए नियम?
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ये संशोधित नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। इससे यात्रियों और सिस्टम दोनों को नए बदलावों के अनुरूप ढलने का समय मिलेगा।

समय के अनुसार तय होगा रिफंड
नए नियमों के तहत अब टिकट कैंसिल करने पर मिलने वाला रिफंड इस बात पर निर्भर करेगा कि ट्रेन के प्रस्थान समय से कितने घंटे पहले टिकट रद्द किया गया है।

1. 72 घंटे पहले कैंसिलेशन
यदि कोई यात्री ट्रेन के रवाना होने से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे अधिकतम रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में केवल निर्धारित न्यूनतम कैंसिलेशन चार्ज ही काटा जाएगा।

2. 72 से 24 घंटे के बीच
अगर टिकट 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो कुल किराए का 25 प्रतिशत काटा जाएगा, साथ ही न्यूनतम चार्ज भी लागू होगा।

3. 24 से 8 घंटे के बीच
इस समयावधि में टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को 50 प्रतिशत किराया कटौती का सामना करना पड़ेगा।

4. 8 घंटे से कम समय में कैंसिलेशन
यदि कोई यात्री ट्रेन के प्रस्थान से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा।

बोर्डिंग स्टेशन बदलने की नई सुविधा
रेलवे ने यात्रियों को एक बड़ी राहत देते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय-सीमा में भी बदलाव किया है।

अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। यह सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए लाभदायक होगी जो बड़े शहरों में रहते हैं, जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन होते हैं।

पहले क्या था नियम?
पहले यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी। चार्ट बनने के बाद इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता था।

नए नियमों के लागू होने के बाद यात्रियों को अधिक समय और लचीलापन मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा योजना बनाना आसान हो जाएगा।

यात्रियों के लिए क्या है इसका मतलब?
इन बदलावों से जहां एक ओर दलालों की मनमानी पर रोक लगेगी, वहीं आम यात्रियों को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था का लाभ मिलेगा। साथ ही, अंतिम समय में यात्रा योजनाओं में बदलाव करने वालों के लिए भी यह नियम अधिक सुविधाजनक साबित होंगे।

कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे का यह कदम व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और यात्री-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये नए नियम टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन की प्रक्रिया को किस हद तक प्रभावित करते हैं।
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