वाराणसी/उत्तर प्रदेश। गोवंशों की सुरक्षा और देखरेख में लापरवाही को लेकर नगर निगम वाराणसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम ऐढ़े स्थित कांजी हाउस में हुई गंभीर घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और जिम्मेदार कर्मचारियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि पशु कल्याण के मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांजी हाउस परिसर में एक बिगड़ैल गोवंश ने एक बछड़े पर हमला कर उसे मार डाला। घटना यहीं नहीं रुकी—सुरक्षा गेट के क्षतिग्रस्त होने के कारण बाहरी श्वान अंदर घुस आए और मृत बछड़े के शव को भी नुकसान पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम ने कांजी हाउस की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मामले की जानकारी मिलते ही नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
दोषी कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई
प्राथमिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद -
सुरक्षा में तैनात एक संविदा कर्मी की सेवा समाप्त कर दी गई
संबंधित राजस्व निरीक्षक को पद से हटा दिया गया
कांजी हाउस के प्रभारी अधिकारी (पशु कल्याण) के खिलाफ कार्रवाई हेतु शासन को पत्र भेजा गया
इसके अलावा, क्षतिग्रस्त सुरक्षा गेट की मरम्मत भी तत्काल कराई गई ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गौशालाओं में सुधार के लिए सख्त निर्देश
घटना के बाद नगर निगम ने शहर की सभी गौशालाओं में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने साफ शब्दों में कहा कि—
गोवंशों की साफ-सफाई
समय पर टीकाकरण
पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण चारे की उपलब्धता
इन सभी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्मार्ट सिटी सभागार में हुई समीक्षा बैठक
सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में गौशालाओं की स्थिति के साथ-साथ शहर के हरित क्षेत्र की भी गहन समीक्षा की गई। इस दौरान महापौर ने पिछले दो वर्षों में लगाए गए करीब 28 हजार पौधों की जियो-लोकेशन आधारित विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
रिपोर्ट में प्रत्येक पौधे की वर्तमान स्थिति, ट्री-गार्ड की उपलब्धता और जीवित अथवा सूखे पौधों का पूरा विवरण शामिल करने को कहा गया है।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि—
गौशालाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
चारे की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए
पशु चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य हो
उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी को और सख्त किया जाएगा।
जवाबदेही तय करने की चेतावनी
बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर नगर आयुक्त अमित कुमार, उद्यान अधीक्षक डॉ. वीके सिंह, पशु कल्याण चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष पाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सख्त कार्रवाई से मिला स्पष्ट संदेश
नगर निगम की इस कार्रवाई को पशु कल्याण और प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल गौशालाओं की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है, बल्कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।
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