STF का बड़ा खुलासा : ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की अवैध तस्करी का भंडाफोड़, अंतर्राज्यीय गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ/उत्तर प्रदेश। यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी और संगठित कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध रूप से ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के तहत STF ने गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में इंजेक्शन एवं अन्य सामान बरामद किया है। इस सफलता को अवैध दवा कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

काकोरी क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी

STF द्वारा गिरफ्तार आरोपी की पहचान रेहान के रूप में हुई है। उसे 6 अप्रैल की शाम लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र स्थित करिमाबाद अंडरपास के पास से दबोचा गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया, जिसके बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।

बरामदगी में क्या-क्या मिला?

गिरफ्तारी के दौरान STF टीम ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया—

502 शीशी (लगभग 180 एमएल) ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन

2 मोबाइल फोन

एक मोटरसाइकिल

बरामद इंजेक्शन की मात्रा और पैमाना यह दर्शाता है कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर संचालित तस्करी का हिस्सा है।

खुफिया सूचना के आधार पर चला ऑपरेशन

STF को बीते कुछ समय से लगातार सूचना मिल रही थी कि बिहार से अवैध रूप से ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की खेप लाकर लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई की जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए STF ने निगरानी बढ़ाई और एक रणनीतिक योजना के तहत स्थानीय पुलिस एवं औषधि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की।

सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

गिरफ्तार आरोपी रेहान ने पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां साझा की हैं। उसने स्वीकार किया कि वह एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का हिस्सा है, जो अवैध रूप से ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की सप्लाई करता है।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य इरफान इस नेटवर्क में मुख्य भूमिका निभाता है और इंजेक्शन की आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। STF अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

क्यों खतरनाक है ऑक्सीटोसीन का अवैध उपयोग?

ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन का अवैध उपयोग पशुपालन और डेयरी उद्योग में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए किया जाता है, जो न केवल पशुओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध रूप से बेचे जा रहे इंजेक्शन में मिलावट की संभावना अधिक रहती है, जिससे इसके दुष्परिणाम और भी घातक हो सकते हैं। इसी कारण बरामद इंजेक्शनों के सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

आगे की कार्रवाई जारी

इस मामले में काकोरी थाना में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। STF ने स्पष्ट किया है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

STF की इस कार्रवाई को अवैध दवा कारोबार पर कड़ा प्रहार माना जा रहा है, जिससे ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

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