जमुई/बिहार। बिहार में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई 'सूर्यघर बिजली योजना' राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनने जा रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर के जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। जमुई के जिला पदाधिकारी नवीन कुमार भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
2.5 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार सरकार ने राज्यभर में 2.5 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ आगामी 14 जून को मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। आने वाले वर्षों में यह योजना लाखों परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगी।
गरीब परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनेगी योजना
मुख्य सचिव ने कहा कि सूर्यघर बिजली योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए लाभकारी साबित होगी जो हर महीने बढ़ते बिजली बिलों से परेशान रहते हैं। घरों की छतों पर सोलर पैनल लगने से बिजली की लागत में भारी कमी आएगी और कई परिवारों को लगभग नि:शुल्क बिजली का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और जीवन स्तर में सुधार लाने का भी एक प्रभावी माध्यम बनेगी।
संवेदकों को प्रशासनिक टीम का हिस्सा मानने के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के सफल क्रियान्वयन में संवेदकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि संवेदकों को केवल कार्य निष्पादक के रूप में नहीं बल्कि प्रशासन की विकास टीम के महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में देखा जाए।
उन्होंने कहा कि संवेदकों को हर आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए ताकि वे बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण कार्य कर सकें। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्धारित मानकों के अनुसार ही सोलर रूफटॉप की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी।
जमुई के लिए सुनहरा अवसर : डीएम
बैठक के बाद जमुई के जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने जिले के नागरिकों और संवेदकों से योजना में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जमुई जिले में वर्षभर पर्याप्त धूप उपलब्ध रहती है, जिससे यह क्षेत्र सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बेहद उपयुक्त है।
डीएम ने कहा कि सूर्यघर बिजली योजना जमुई के लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे लोग न केवल बिजली बिल के बोझ से राहत पा सकेंगे, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भूमिका निभा सकेंगे।
जिले को राज्य में मॉडल बनाने का लक्ष्य
जिला पदाधिकारी ने संवेदकों से पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग से जमुई जिले को इस योजना के सफल क्रियान्वयन में राज्य का अग्रणी जिला बनाया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी हितधारक मिलकर कार्य करें तो जमुई सूर्यघर बिजली योजना के क्रियान्वयन में पूरे बिहार के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे योजना की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार आवेदन कर इसका लाभ उठाएं। अधिकारियों का मानना है कि जनभागीदारी और प्रशासनिक सहयोग के बल पर यह अभियान बिहार में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा तथा राज्य को हरित एवं ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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