Varanasi: बाबा भोले की नगरी में श्रीराम जन्मोत्सव की धूम, अद्भुत झांकियों और सोहर गीतों से भक्तिमय हुआ वातावरण

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। धर्म और अध्यात्म की नगरी वाराणसी में प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का उल्लासपूर्ण आयोजन हुआ। जैतपुरा क्षेत्र में अखिल भारतीय सनातन न्यास द्वारा आयोजित भव्य रामकथा के तृतीय दिवस पर भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। इस अवसर पर निकाली गई दिव्य झांकियों, भजन-कीर्तन और जयघोष से पूरा क्षेत्र राममय हो गया। श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर प्रभु के अवतरण का स्वागत किया और वातावरण "जय श्रीराम" के उद्घोष से गूंज उठा।

रामकथा का रसपान कराते हुए पूज्य जगतगुरु बालक देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि अयोध्या नरेश महाराज दशरथ के जीवन की सबसे बड़ी चिंता उत्तराधिकारी न होने की थी। उन्होंने इस समस्या का समाधान जानने के लिए अपने राजगुरु महर्षि वशिष्ठ से परामर्श किया। महर्षि वशिष्ठ के निर्देश पर श्रृंगी ऋषि द्वारा पुत्रकामेष्टि यज्ञ संपन्न कराया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत महारानी कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा के गर्भ से क्रमशः भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।

उन्होंने बताया कि चारों राजकुमारों के जन्म का शुभ समाचार जब भट्टगणों ने बिरदावली गाते हुए महाराज दशरथ को सुनाया, तब उनकी प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहा। महाराज दशरथ ने अपार हर्ष व्यक्त करते हुए स्वर्ण मुद्राएं, सोना-चांदी और बहुमूल्य उपहार देकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया। राम जन्म की इस मंगल बेला में पूरी अयोध्या उत्सव में डूब गई थी और हर ओर आनंद का वातावरण व्याप्त हो गया था।

कार्यक्रम में काशी के प्रख्यात मानस वक्ता पंडित वेद प्रकाश मिश्र 'कलाधर' ने कहा कि भगवान श्रीराम और उनके तीनों भाइयों के जन्म से केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि समस्त देव, ऋषि, मुनि और गंधर्व भी आनंदित हो उठे थे। उन्होंने कहा कि प्रभु राम का अवतार धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था। राम जन्मोत्सव की झांकी के दौरान श्रद्धालुओं ने "चारों भइयन की जय" के गगनभेदी नारे लगाए। भक्तों द्वारा की गई पुष्पवर्षा और उत्साह ने पूरे आयोजन को अलौकिक स्वरूप प्रदान कर दिया।

इस दौरान प्रसिद्ध लोकगीत गायिका रंजना राय ने पारंपरिक सोहर गीतों की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उनके गीतों ने राम जन्मोत्सव के उल्लास को और अधिक जीवंत बना दिया। श्रद्धालु देर तक भक्ति रस में सराबोर होकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।

कार्यक्रम के समापन पर व्यासपीठ की भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें डॉ. अजय कुमार, विनीत कुमार, रवि प्रकाश, जयशंकर गुप्ता, विजय जायसवाल, रवि नंदन तिवारी, जगनारायण गुप्ता, छेदीलाल, श्रीप्रकाश, अनामिका, ममता, सरिता, इंदु वर्मा, भैयालाल जायसवाल तथा प्रमोद यादव मुन्ना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया।

रामकथा के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और श्रीराम जन्मोत्सव की भव्य झांकियों ने यह संदेश दिया कि भगवान श्रीराम के आदर्श और उनकी मर्यादा आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान कर रही है। जैतपुरा में आयोजित यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति के गौरव का अनुपम उदाहरण बन गया।
और नया पुराने