Varanasi: मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत का दिखा असर, आशापुर पहुंची नगर निगम की टीम; कई टन कचरा हटाया

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री जन शिकायत पोर्टल पर लगातार शिकायत दर्ज कराए जाने का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। वाराणसी के आशापुर क्षेत्र में लंबे समय से व्याप्त गंदगी और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा की गई शिकायतों के बाद नगर निगम के अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और तत्काल सफाई अभियान चलवाते हुए कई टन जमा कचरे को हटाकर निस्तारण के लिए भेजा।

नगर निगम की टीम ने आशापुर न्यू कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान दो ट्रैक्टर कचरा निकालकर डंपिंग स्थल तक पहुंचाया गया। कॉलोनी की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई कराई गई, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि केवल सफाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि सड़क, सीवर और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

निरीक्षण के दौरान अखिल भारतीय आचार्य ब्राह्मण कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लोकनाथ पांडेय ने नगर निगम अधिकारियों को एक विस्तृत शिकायती पत्र भी सौंपा। पत्र में आशापुर न्यू कॉलोनी से बलुआ मार्ग तक की जर्जर सड़क, ध्वस्त सीवर व्यवस्था, टूटी हुई पुलिया तथा पेयजल पाइपलाइन की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि वर्षों से क्षेत्रवासी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

मौके पर मौजूद नगर निगम के इंस्पेक्टर ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह स्वयं पूरे मामले का विस्तृत प्रतिवेदन और कवरिंग लेटर तैयार कर नगर निगम मुख्यालय तथा शासन को भेजेंगे, ताकि सड़क निर्माण, सीवर व्यवस्था और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान कराया जा सके।

स्थानीय नागरिकों ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी भी व्यक्त की। उनका कहना था कि आशापुर से बलुआ मार्ग को जोड़ने वाली सड़क क्षेत्र की सबसे खराब सड़कों में से एक बन चुकी है। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जबकि सीवर लाइन ध्वस्त होने के कारण लोगों को आए दिन जलजमाव और दुर्गंध की समस्या का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार स्थानीय विधायक, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं हुई।

क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि चौरा माता मंदिर, दलित बस्ती, राजभर बस्ती और बलुआ मार्ग को जोड़ने वाली यह सड़क हजारों लोगों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए इसी रास्ते का उपयोग करते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं।

लोगों ने पेयजल संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की ‘हर घर नल जल’ योजना के तहत जिले के कई क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन आशापुर के कई हिस्से अब भी इस सुविधा से वंचित हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की कि जल्द से जल्द पेयजल पाइपलाइन बिछाकर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

इस दौरान क्षेत्रवासियों ने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि सड़क, सीवर और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो आगामी चुनाव में जनप्रतिनिधियों का विरोध किया जाएगा। लोगों का कहना है कि विकास के दावों के बावजूद यदि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो जनता को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

फिलहाल नगर निगम की ओर से शुरू की गई सफाई कार्रवाई से लोगों में उम्मीद जगी है, लेकिन क्षेत्रवासी अब स्थायी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक सड़क, सीवर और पेयजल जैसी समस्याओं का पूर्ण निस्तारण नहीं होता, तब तक आशापुर के विकास की तस्वीर अधूरी ही रहेगी।
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