NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, मुख्य सचिव और डीजीपी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा

पटना/बिहार। आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को पूरी तरह कदाचार-मुक्त, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए बिहार सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में पटना में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया गया।

बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ किया जाए।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि बिहार के 34 जिलों में बनाए गए 331 परीक्षा केंद्रों पर 1.56 लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और निगरानी दलों की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

बैठक के दौरान प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रश्न-पत्रों के सुरक्षित हवाई परिवहन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाए। प्रश्न-पत्रों के भंडारण, वितरण और खोलने की प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, ताकि किसी भी स्तर पर गोपनीयता भंग न हो।

इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को आशंका है कि परीक्षा से पहले या परीक्षा के दौरान भ्रामक सूचनाएं, अफवाहें अथवा फर्जी प्रश्न-पत्र वायरल करने की कोशिश की जा सकती है। ऐसे में साइबर सेल और विशेष निगरानी टीमों को सक्रिय रखते हुए सोशल मीडिया गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में उन कोचिंग संस्थानों और व्यक्तियों पर भी पैनी नजर रखने का निर्देश दिया गया, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई जाती रही हैं। अधिकारियों को कहा गया कि परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ पहले से आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित न हो।

परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई विशेष व्यवस्थाओं की भी घोषणा की है। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मुफ्त बस यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में पेयजल, ORS, प्राथमिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा के दिन सभी केंद्रों पर समन्वय और सतर्कता बनाए रखी जाए तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखी जाए। वहीं पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि बिहार सरकार NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासनिक और पुलिस तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि राज्य के लाखों अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण और भरोसेमंद वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
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