Madhubani: विकास योजनाओं की DM ने की सघन समीक्षा, बोले- लोकहित से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मधुबनी/बिहार, 09 जून 2026। जिले में चल रही विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने को लेकर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सोमवार की देर शाम समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विद्युत आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) तथा लघु जल संसाधन विभाग की ‘टॉप-10’ प्राथमिकता वाली योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिले के सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं अन्य अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों की योजनाओं की अद्यतन स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। समीक्षा के दौरान डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता से जुड़ी बुनियादी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सरकार की कार्य संस्कृति “जनता प्रथम, विश्वास निर्माण” (Putting People First, Building Trust) के अनुरूप कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

चेक डैम निर्माण कार्यों की समीक्षा, मानसून से पहले तेजी लाने का निर्देश

बैठक में लघु जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित चेक डैम योजनाओं की प्रगति की विशेष समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान और ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ योजना के अंतर्गत जिले में कई महत्वपूर्ण चेक डैमों का निर्माण कार्य जारी है।

कार्यपालक अभियंता ने जानकारी दी कि बिस्फी प्रखंड स्थित ईटहर चेक डैम का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। वहीं फुलपरास के कालापट्टी चेक डैम में 60 प्रतिशत, लौकही के धनछीया एवं चन्द्रपट्टी चेक डैम में 45 प्रतिशत, डकही एवं कौआहा पहाड़ी चेक डैम में 45 प्रतिशत तथा देपुरा एवं साननपट्टी चेक डैम में लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने गिधवाश, सलहा और ब्रह्मोत्तर जैसे अपेक्षाकृत धीमी गति से चल रहे चेक डैम परियोजनाओं पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक संरचनात्मक कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके।

हर घर नल का जल योजना की समीक्षा, जल संकट वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की समीक्षा के दौरान ग्रामीण पेयजल योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मधुबनी प्रमंडल के 219 पंचायतों में संचालित 2,879 नल-जल योजनाएं तथा झंझारपुर प्रमंडल के 180 पंचायतों की 2,411 योजनाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।

छूटे हुए टोलों में नई नल-जल योजनाओं के तहत मधुबनी प्रमंडल में 522 प्रस्तावित बोरिंग में से 425 का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि झंझारपुर प्रमंडल में 662 लक्ष्यों के विरुद्ध 552 बोरिंग का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।

डीएम ने निर्देश दिया कि भूमि विवाद और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) से संबंधित लंबित मामलों का अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल समाधान किया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।

गर्मी और सुखाड़ से निपटने की तैयारी, नए चापाकलों का निर्माण पूरा

बैठक में बताया गया कि भीषण गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए जिले में अतिरिक्त चापाकलों का निर्माण कराया गया है। मधुबनी प्रमंडल में 170 तथा झंझारपुर प्रमंडल में 143 नए चापाकलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

इसके अलावा विभागीय मरम्मत दलों को सक्रिय रखा गया है, जो शिकायत मिलते ही खराब चापाकलों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर नीचे चला गया है, वहां आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी रखी जाए।

कृषि विद्युत योजना में तेजी, हजारों किसानों को मिला बिजली कनेक्शन

बैठक में मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना (MKVSY-II) तथा विद्युत आधारभूत संरचना विस्तार कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मधुबनी विद्युत प्रमंडल में 10,319 नए बिजली पोल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अब तक 9,190 पोल लगाए जा चुके हैं।

इसके साथ ही 196 किलोमीटर लो-टेंशन (LT) लाइन और 83.7 किलोमीटर हाई-टेंशन (HT) लाइन का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। विभाग द्वारा अब तक 216 नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं तथा 3,134 किसानों को कृषि विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शेष पोल, लाइन और ट्रांसफार्मरों की स्थापना शीघ्र पूरी की जाए ताकि आगामी खरीफ मौसम में किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली उपलब्ध हो सके।

24 घंटे के भीतर समस्याओं के समाधान का निर्देश

बैठक के दौरान डीएम आनंद शर्मा ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने संवेदकों एवं ठेकेदारों के साथ नियमित साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें और अनुबंध अवधि के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा कराएं।

उन्होंने कहा कि जहां भूमि विवाद, वन विभाग की अनुमति या अन्य तकनीकी समस्याएं कार्य में बाधा बन रही हैं, वहां संबंधित अंचलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर 24 घंटे के भीतर समाधान निकालने का प्रयास किया जाए।

जियो-टैगिंग और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि चल रही योजनाओं की जियो-टैगिंग सुनिश्चित की जाए तथा कार्यस्थलों की अद्यतन तस्वीरों और प्रगति रिपोर्ट को नियमित रूप से जिला मुख्यालय भेजा जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित मॉनिटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

बैठक में लघु जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के सभी कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता तथा अन्य जिला स्तरीय तकनीकी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य पूरा करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है। इसलिए सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण कर जनता का विश्वास मजबूत करें।
और नया पुराने