Varanasi: 17 वर्षीय किशोरी के अपहरण व जबरन शादी के मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। वाराणसी कमिश्नरेट की चौबेपुर पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी के कथित अपहरण, जबरन विवाह और उसे एक लाख रुपये में बेचने की साजिश से जुड़े गंभीर मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, किशोरी को परिजनों की जानकारी के बिना अगवा कर उसका जबरन विवाह कराया गया और बाद में उसे रुपये लेकर दूसरे स्थान पर भेजने की योजना बनाई गई थी। मामले में दर्ज मुकदमे के आधार पर सभी आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और महिला एवं बाल अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन तथा सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के पर्यवेक्षण में चौबेपुर थाना पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को पीड़िता के परिजनों ने चौबेपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी 17 वर्षीय भतीजी का अपहरण कर लिया गया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि किशोरी का उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन विवाह कराया गया तथा बाद में उसे एक लाख रुपये में बेचने की साजिश रची गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चौबेपुर पुलिस ने तत्काल मु.अ.सं. 0363/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 87 एवं 143(4) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

पांच आरोपी गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस ने शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर मामले में नामजद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—

शिवधनी, निवासी गोपालपुर कमौली, थाना चौबेपुर, वाराणसी

राहुल भारद्वाज, निवासी लखराव कमौली, थाना चौबेपुर, वाराणसी

मैना देवी, निवासी गोपालपुर कमौली, थाना चौबेपुर, वाराणसी

मोहित, निवासी धराऊ, थाना खुर्जा देहात, जनपद बुलंदशहर

नेम सिंह, निवासी बदनपुर खंड मरकटी, थाना सुरीर, जनपद मथुरा


मामले की गहन जांच जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वाराणसी पुलिस ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को कानून के दायरे में लाने का अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।
और नया पुराने