Varanasi: अपराध पर पुलिस कमिश्नर का सख्त एक्शन, सिंधौरा इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, चौकी प्रभारी निलंबित

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। श्रावण मास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने राजपत्रित अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं, संगठित अपराधों पर कार्रवाई तथा आगामी श्रावण मास की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान लापरवाही बरतने वाले दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया गया कि अपराध नियंत्रण और विवेचना में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में थाना सिंधौरा क्षेत्र में 2 जुलाई को हुई चर्चित हत्या की घटना की समीक्षा के दौरान प्रथम दृष्टया अपेक्षित कार्रवाई में लापरवाही सामने आने पर थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही सिगरा थाना के नगर निगम चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पंकज कुमार को सिंधौरा थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया।

इसी क्रम में लंबित विवेचनाओं को लेकर भी पुलिस आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैयां चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सत्यदेव गुप्ता द्वारा पांच विवेचनाओं को निर्धारित समयसीमा से काफी अधिक समय तक लंबित रखने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। समीक्षा में सामने आया कि कुछ मामलों की विवेचना 800 से 1000 दिनों से अधिक समय तक लंबित थी, जिसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया।

अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

बैठक में पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सामान्य अपराधों की विवेचना हर हाल में 60 दिनों तथा जघन्य अपराधों की विवेचना 90 दिनों के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि विवेचना में अनावश्यक देरी से पीड़ितों को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न होती है और ऐसी स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने संगठित अपराध, माफिया, साइबर अपराध, एनडीपीएस तस्करी, गोवध से जुड़े अपराधियों तथा अन्य आदतन अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) तथा अपराधियों की संपत्ति जब्ती जैसी कानूनी कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश दिए।

ऑपरेशन चक्रव्यूह होगा और प्रभावी

पुलिस आयुक्त ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पूरे कमिश्नरेट क्षेत्र में दिन-रात सघन वाहन चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी तथा रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। साथ ही चोरी, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के मामलों का 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का हरसंभव प्रयास करने के निर्देश भी दिए।

श्रावण मास में सुरक्षा व्यवस्था रहेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

श्रावण मास में लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों के वाराणसी पहुंचने को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए तथा संवेदनशील स्थलों, प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी तत्काल कार्रवाई

बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह को समय रहते रोकना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

स्पष्ट संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बैठक के अंत में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध नियंत्रण, विवेचना, कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रावण मास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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