जमुई/बिहार। छठ महापर्व के अवसर पर जिले की लोकसंस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बरहट प्रखंड के तमकुलिया गांव में समाज कल्याण विभाग की वस्त्र वितरण योजना का शुभारंभ किया गया। इस दौरान ग्रामीणों के बीच साड़ी, धोती और चादर का वितरण सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग काजोल मोदी ने किया।
पीढ़ियों से हस्तशिल्प कला को सहेज रहे ग्रामीण
तमकुलिया गांव अपनी पारंपरिक हस्तशिल्प कला के लिए प्रसिद्ध है। यहां के स्थानीय कारीगर पीढ़ियों से सूप, डलिया, दौरा और सजावटी सामग्री सहित विभिन्न पारंपरिक वस्तुओं का निर्माण करते आ रहे हैं। छठ महापर्व में इन सामग्रियों का विशेष महत्व है। अर्घ्य अर्पित करने से लेकर प्रसाद सजाने तक इनका उपयोग किया जाता है।
कारीगरों को बाजार से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम के दौरान जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शुभम कुमार ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय कारीगरों से मुलाकात कर उनके उत्पादों की जानकारी ली तथा हस्तनिर्मित वस्तुओं को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशी।
पारंपरिक हुनर को आजीविका से जोड़ने का प्रयास
जिला प्रशासन का उद्देश्य स्थानीय हस्तशिल्प को पहचान और बाजार उपलब्ध कराकर कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। प्रशासन की इस पहल से तमकुलिया की पारंपरिक कला को नई पहचान मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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