जमुई/बिहार। बिहार सरकार की मद्य निषेध नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जमुई जिले में जीविका दीदियों द्वारा व्यापक नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को चकाई प्रखंड के पांच संकुल स्तरीय संघों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां जीविका दीदियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
जीविका, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में चकाई, माधोपुर, चंद्रमंडीह, कियाजोरी एवं बिछकोरवा स्थित क्रमशः तिरंगा, हिंदुस्तान, आराधना, प्रगतिशील और उड़ान संकुल संघों में कार्यक्रम आयोजित हुए।
इस दौरान उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के इंस्पेक्टर पिंटू कुमार, ब्रह्माकुमारी संस्था की बीके कृति दीदी, बीके खुशबू दीदी, बीके सीता दीदी और बीके रवि भाई ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। जीविका जिला कार्यालय से प्रबंधक सामाजिक विकास रवींद्र कुमार, प्रबंधक संचार सुनीता कुमारी और चकाई बीपीएम संजीव कुमार वर्मा सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।
आध्यात्मिक सत्र में बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक वातावरण को भी प्रभावित करती है। दीदियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
'गांव का संकल्प' अभियान के तहत जिले के 31 संकुल संघों में 7 नवंबर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके तहत 3 नवंबर को झाझा, 4 नवंबर को सोनो एवं गिद्धौर, 5 नवंबर को अलीगंज एवं सिकंदरा, 6 नवंबर को जमुई सदर तथा 7 नवंबर को बरहट एवं लक्ष्मीपुर में अभियान चलाया जाएगा।
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