दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में मरम्मत के दौरान भरभराकर गिरी इमारत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा सामने आया, जब एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं तथा बचाव अभियान तेज कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली अग्निशमन सेवा को शाम 4 बजकर 20 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही विभाग ने बिना देर किए छह दमकल गाड़ियों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान चलाया।

अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक अनुमान है कि इमारत के मलबे में चार से पांच लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस आशंका को देखते हुए बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राहत दल अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से मलबा हटाने का काम कर रहे हैं ताकि किसी भी व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें भी मौके पर तैनात कर दी गई हैं। एनडीआरएफ के जवान दमकल विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर लगातार खोज एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से घेर लिया है और लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय इमारत के कुछ फ्लैटों में मरम्मत और निर्माण संबंधी कार्य चल रहा था। हालांकि, इमारत गिरने के वास्तविक कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विशेषज्ञों की टीम इमारत के ढहने के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ने कहा है कि मलबा पूरी तरह हटाने के बाद ही फंसे लोगों की सही संख्या, संभावित हताहतों और हादसे के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
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